Wednesday, 13 July 2011

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में एक ऐसे बाबा हैं जिनकी उम्र 205 साल बतायी जा रही है और 105 साल से अन्न नहीं खाए हैं। इस तरह से इस बाबा ने अपने जीवन का 205 बंसत देख चुके हैं। अब उनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज होने जा रहा है। भारत-नेपाल के उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित श्रावस्ती जिले के एक मंदिर में रह रहे बाबा का नाम स्वामी दयाल जी महाराज है। इस मंदिर का नाम जगपति नाथ मंदिर है। जिसके वे पुजारी हैं। बुजुर्ग बाबा आजादी की दोनों लड़ाई देख चुके हैं और गांधी-नेहरू के साथ जेल भी जा चुके हैं। सबसे ख़ास बात तो यह है कि बाबा को किसी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ती है। खुद सामान्य रूप से चल फिर लेते हैं।

बाबा सिर्फ फल खाते हैं और पानी पीते हैं। पिछले करीब 100 साल से उन्होंने कोई अन्न नहीं खाया है। बाबा रोजाना सुबह साढ़े तीन बजे उठ जाते हैं योगा और पूजा पाठ करते हैं। इस बारे में बहराइच के सबसे बूढ़े व्यक्ति 102 साल के किशोरी लाल का कहना है कि बचपन में जब उनकी उम्र दस साल की थी तो उनके घरवालों ने बाबा की उम्र उस समय 95 साल से ऊपर बताई थी। बचपन से अब तक उन्होंने बाबा को जस का तस देखते आ रहे हैं। तब भी वे उतने ही एक्टिव थे, जितने आज हैं। रोजाना पूजन-योग साधना और मंत्रोच्चारण का काम बाबा नियमित रूप से कर रहे हैं।

परन्तु भारतीय ज्योतिष काल गणना विन्शोत्री के अनुसार 120 वर्ष ही कही गयी हे |    

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