Saturday, 23 July 2011

naad

आप लोग भी मंदिर जाते हैं पर क्या आपको पता है मंदिर में घंटा-घंडियाल क्यो बजाए जाते हैं।
आपने कुछ लोगों को मंदिर में प्रवेश करते समय प्रवेश द्वार पर लगी घंटी को बजाते हुए देखा होगा। ऎसा क्यो किया जाता है।
इसके पीछे ऋषियों का नाद विज्ञान हैं। जिस मंदिर में नियमित रूप से घंटा-घंडियाल बजाए जाते हैं, उसे जाग्रत देव मंदिर कहते हैं। इसी कारण से मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी घंटियां लगाई जाती हैं, जो कि दर्शनार्थियों के आने की सूचना देती हैं।
ऎसी मान्यता है कि घंटाध्वनि से प्रतिष्ठित मूर्ति के देवता जाग्रत हो जाते हैं।
आरती के समय बजाए जाने वाले घंटे-घडियाल मंदिर के आसपास के लोगों को पूजा-आरती का समय बताते है।
पूजाव आरती के समय बजाए जाने वाली छोटी घंटियों और घंटे-घडियालों में एक विशेष ताल और गति होती है।
इन लय युक्त तरंगौं का प्रभाव व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पडता है।

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