Saturday, 12 November 2011

क्या यह सनातन धर्म नही है?


आस्था और धर्मशास्त्र के मामलों में अज्ञानता के कौन सा व्यक्ति क्षमा के योग्य है? - हिन्दी
 
वे कौन से लोग हैं जो अज्ञानता के कारण क्षम्य (मा’ज़ूर) समझे जायेंगे ? और क्या आदमी धर्मशास्त्र के मामलों में अपनी अज्ञानता के कारण क्षम्य समझा जायेगा ? या
मूलरूप में सनातन धर्म ही हिन्दू, मुसलमान ,सिख ,इसाई ही है |फिर इस का धर्म ऊँचा उनका नीचा ऐसा क्यों ?
खुदा कोई मुर्ख प्राणी नही है ,जब भी कोई मनुष्य जन्म लेता है .वह हिन्दू की ही निशानी ले कर पैदा होता है |
फिर पारिवारिक संस्कारों द्वारा मुसलमान ,सिख या इसाई हुआ करता है |
                                                                                               कोंन ऊँचा -कोन नीचा कोंन धर्म विरोधी 
कोंन धर्म का/कैसे निर्धारण किया जावे गा या इसी को मुदा बना इन चारों को लडाया जाता रहे गा ?
खाना - पीना ,सोना - जागना साँस लेना और दुनिया छोड़ चल देना इतना ही नही कहीं अलग जगहा नही एक ही जगहा जाना है |
     तो एक से नियम जो चारों धर्मों को आपस में जोड़ते हैं का प्रचार प्रसार कर सनातन धर्म की हिफाजत का उपाय क्यों ना किया जावे                  जेसे
१   चोरी करना पाप
२   झूठ बोलना पाप
३   व्य्य्भिचार पाप
४    बड़ों का आदर
५    पड़ोसी से प्रेम
६    देश भगती
7      दुखियों की मदद
८  गरीब के मददगार होना
९  अबल की मदद और सन्मान
१०  अपाहिज और दरिद्री का भी सन्मान
प्रभु आज्ञा को आंखें और बुधी को खुली रख कर मानना
                             क्या यह सनातन धर्म नही है?

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