Thursday, 1 December 2011

श्रीकृष्ण - आदर्श गृहस्थी


भगवान श्रीकृष्ण का जीवन आदर्श गृहस्थी का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। कहते हैं श्रीकृष्ण की 16 हजार से अधिक रानियां थीं। इनमें से तीन प्रमुख थीं। इसके बाद भी श्रीकृष्ण के दाम्पत्य में कभी आप अशांति नहीं पाएंगे क्योंकि श्रीकृष्ण सुखी गृहस्थ जीवन के गूढ़ रहस्यों को जानते थे। गृहस्थ जीवन के इन्हीं प्रमुख सात सूत्रों के बारे में श्रीमद्भागवत में विस्तृत वर्णन किया गया है जो श्रीकृष्ण ने संसार को दिए हैं।

सुखी गृहस्थ जीवन का पहला सूत्र है संयम। पति-पत्नी के बीच में संयम होना अति आवश्यक है। यदि पति-पत्नी के जीवन में संयम होगा तो जीवन आनंदमय कटेगा। दाम्पत्य का दूसरा सूत्र है संतुष्टि। संतोष के अभाव में दाम्पत्य का सुखमय होना मुश्किल है। इसी प्रकार सुखी गृहस्थ जीवन के अन्य सूत्र जो श्रीकृष्ण ने दिए हैं वे हैं संतान, संवेदनशीलता, संकल्प, सक्षम और अंतिम सूत्र है समर्पण।भागवत के अनुसार इन सभी सूत्रों का पालन करने पर भी यदि दाम्पत्य में प्रेम न पवित्रता नहीं है तो यह सब व्यर्थ है।

इन सात सूत्रों का पालन कर तथा जीवन में प्रेम व पवित्रता को लाकर हम भी हमारा गृहस्थ जीवन सुखमय बना सकते हैं।
हरे कृष्ण
यह ग्रहस्थी
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    • सनातन धर्म ‎,इन नियमों को अपनाना ही ग्रहस्थी का तप है | आसन मुद्रा वगेरा -वगेरा नही | इस रहस्यको जान्ने वाले भगत कबीर और लोई उदाहर्ण हैं |

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