Friday, 23 March 2012

राम जन्म पर महामुहूर्त का संयोग

राम जन्म पर महामुहूर्त का संयोग
राम जन्म पर महामुहूर्त का संयोग


एक अप्रैल को राम जन्मोत्सव यानी रामनवमी है। राम नवमी पर इतने अधिक योग एक साथ बनेंगे कि यह दिन महामुहूर्त से भरपूर होगा। प्राचीन पांडुलिपियों के आधार पर भगवान श्रीराम की जो जन्म पत्रिका है, वैसे ही ग्रह नक्षत्रों में इस वर्ष रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा। भगवान श्रीराम का जन्म पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र में हुआ था। इस वर्ष रामनवमी को भी यही नक्षत्र पड़ रहा है। 

महानवमी के साथ सुकर्मा योग व कौलवकरण होने से यह दिन विशेष शुभ होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि व पुष्य नक्षत्र का होना इसकी शुभता में वृद्धि करने वाला संयोग है। 

ज्योतिषियों के अनुसार राम नवमी पर नक्षत्रों के राजा पुष्य और नवग्रहों के सिरमौर सूर्य देव के स्वामित्व वाले दिन रविवार का होना दिव्य संयोगों का महामुहूर्त को बना रहा है। यह महासंयोग दस वर्ष बाद बना है, जो पूर्ण शुभता प्रदान करने वाला होगा।

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