Monday, 10 September 2012

13 ही 13

गीता   | वेद-पुराण पढो या सुनो | परिचय  |श्री राम   

|  अपना भविष्य खुद जाने       

नाधि सिंधु हाटक पुर जारा ।
निसिचर गन बधि बिपिन उजारा ।।
सो सब तब प्रताप रघुराई ।
नाथ न कछु मोरी प्रभुताई ।।


No comments:

Post a Comment