Monday, 1 April 2013

विजयी होना मनुष्यों में स्वाभाविक है

हम जीतने के लिए ही बने हैं। जीत की प्राप्ति के लिए जरूरत है एक उद्देश्य निर्धारित करने की। जीत के पथ पर अपना ध्यान केंद्रित रखें और अपने वास्तविक ‘स्वयं’ से जुड़ें।

विजयी होना मनुष्यों में स्वाभाविक है
विजयी होना सभी मनुष्यों के लिए अस्तित्व की एक प्राकृतिक अवस्था है। स्वाभाविक तौर पर हम जो भी करते हैं उसमें सफल रहने की हम सब को आवश्यकता होती है। हम ब्रह्मांड, इसके रचयिता, जो हमारी जरूरतों को पूरा करता है, के साथ हाथ से हाथ मिलाकर काम करते हुए जीवन में जीत प्राप्त कर सकते हैं।

कौन-सी चीज विजेताओं को दूसरों से अलग करती है?
वे दृढ़ निश्चयी होते हैं : सबसे पहले विजेता कभी भी मैदान छोडऩे वाले नहीं होते। वे निराशा तथा विपरीत परिस्थितियों का सामना करने से पीछा नहीं छुड़ाते। वे हर प्रकार की मुश्किलों का सामना करते हुए आगे बढ़ते रहते हैं।

उनके पास दृष्टि होती है: विजेताओं में अपने उद्देश्यों के प्रति स्पष्टता होती है और उन्हें पूरा करने के लिए सोच भी है।

वे हमेशा सकारात्मक सोचते हैं : विजेता की मानसिक स्थिति हमेशा सकारात्मक होती है, बहुत तथा हमेशा। यह हमारी सकारात्मक सोच तथा स्पष्ट दृढ़ता ही है जो हमारे लिए काम करती है।

विजयी लोगों में अत्यधिक दृढ़ता होती है : सफल लोगों में जो बात एक समान होती है वह है अत्यधिक दृढ़ता। स्पष्ट तथा ताकतवर दृढ़ता से पर्वतों पर फतेह हासिल की जा सकती है और इससे आपकी इच्छाओं की पूर्ति के सब दरवाजे खुलते हैं। जब
स्पष्टता, समर्पण तथा दृढ़ता एक साथ होते हैं तो सब कुछ अच्छा होता है।

उनमें दृढ़ इच्छाशक्ति होती है : विजयी होने का अर्थ दृढ़ता तथा इच्छा से है। इसका संबंध खुद की सच्ची परिभाषा से है, जीवन के उद्देश्य से है और जीने से है। जो भी व्यक्ति अपनी आत्मा के प्रति सच्चा होने की इच्छा रखता है और जीवन के खेल  में विजयी होना चाहता है उसके लिए किसी भी नकारात्मक सोच का कोई महत्व नहीं होता। आप विजयी कैसे बन सकते हैं हम में से सब विजेता बन सकते हैं।
आइए जानें कैसे :
1. आप क्या चाहते हैं इसके बारे में जानें : सबसे पहले हमें इस बात की जानकारी की जरूरत है कि हम अपनी जिंदगी में क्या चाहते हैं और इसे कैसे जीता जा सकता है।

2. अपने सफर को दृश्यमान करें : जब हम एक बार कोई निर्णय कर लेते हैं तो अपेक्षित फल प्राप्त करने के लिए हमें उसे दृश्यमान करने की शक्ति मिल जाती है।  हम अपने उद्देश्यों को दृश्यमान कर सकते हैं। अपने मानसिक समर्पण, प्रतिबद्धता तथा अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सकारात्मकता को ताकतवर बना सकते हैं।

3. हमेशा अपना ध्यान केंद्रित रखें : यदि हम मानसिक तौर पर काफी तेज हैं और जीवन में जो कुछ चाहते हैं उस पर ध्यान केंद्रित रखने की पहुंच रखते हैं, तब यकीनन हम विजेता होंगे। जिन लोगों को अपने उद्देश्यों को दृश्यमान करने में मुश्किल आती हो उन्हें सबसे पहले अपने मन को केंद्रित करने से शुरूआत करनी होगी।
4. मैडीटेशन करें : रोजाना आधार पर मैडीटेशन का अभ्यास करें। मैडीटेशन, प्रार्थना तथा परमात्मा से बातचीत का अर्थ सिर्फ मुश्किल समय या आपदाओं के वक्त से ही नहीं है। मैडीटेशन के असली फलों को निरंतर अभ्यास से देखा जा सकता है। जब आप ध्यान लगाते हैं तो आप सकारात्मक ऊर्जा के लिए ही स्पेस बना रहे होते हैं। उस स्पेस में आपकी चीजों को दृश्यमान करने या सोचने की क्षमता बहुत गहरे तक आपके उपचेतन (सब कांशियस) में पहुंच जाती है। तब अपनी रोजाना रूटीन में आप सही स्थान, सही समय तथा सही कार्य मन से कर रहे होते हैं। अधिकतर लोग इसे इत्तेफाक मानते हैं। हम इसे जिंदगी के खेल को जीतने का नाम देते हैं।

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