Sunday, 9 June 2013

देवों के देव महादेव का जलाभिषेक


देवों के देव महादेव के स्मरण मात्र से सभी संकट दूर हो जाते हैं। उनका जलाभिषेक भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करने वाला है। वेदों के अनुसार मंत्रों के साथ भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से साधक का स्वयं कल्याण तो होता ही है, साथ ही वह समस्त संसार के कल्याण के लिए भी महाऔषधि तैयार कर लेता है। पांच तत्व में जल तत्व बहुत महत्वपूर्ण है। पुराणों में शिवाभिषेक का बहुत महत्व बताया गया है।

जल में भगवान विष्णु का वास है, जल का एक नाम ‘नार’ भी है। इसीलिए भगवान विष्णु को नारायण कहते हैं। जल से ही धरती का ताप दूर होता है और जो लोग भक्त शिव को जलधारा चढ़ाते हैं उनके ताप, संताप, रोग-शोक, दु:ख दरिद्र सभी दूर हो जाते हैं।

भगवान शिव की आराधना वैदिक आराधना है। भारत वर्ष में जितने भी शिव धाम हैं वहां वेद मंत्रों के साथ ही पूजा की जाती है। अत: यह कहा जा सकता है कि शिव आराधना के माध्यम से वेद के ज्ञान का विस्तार निरंतर होता आ रहा है।

भगवान शिव को महादेव इसीलिए कहते हैं कि वह देव, दानव, यक्ष, किन्नर, नाग, मनुष्य, सभी द्वारा पूजित हैं। वस्तुत: भगवान शिव, कल्याण और समन्वय के देवता है, वह किसी का अहित नहीं करते। 

यदि मन से शिव उपासना करेंगे तो अपने शुभ-अशुभ कर्मों को शिवार्पण करने वालों का कर्मगति का चक्र छूट जाता है। भगवान शिव तो ऐसे कृपालु देवता हैं जो एक लोटा जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं। ज्येष्ठ में शिवाभिषेक को पुराणों में भी सर्वश्रेष्ठ माना गया है।                 
                     

1 comment:

  1. देवों के देव महादेव का जलाभिषेक करने के बारे में बताने के लिए आपका धन्यवाद. जानिए शिव जी पर किस अनाज को अर्पित करने से क्या फल मिलेगा....और क्या है महादेव का जल से सम्बन्ध.....क्यों करते है महादेव का जलाभिषेक देखें यह VIDEO या हमारे Youtube Channel को Subscribe करें - https://www.youtube.com/vaibhava1

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