Thursday, 20 June 2013

तुम जेसे ज्ञानियों के पाप फल का नतीजा है ?

कभी अपने आप को भगवान का यार तो कभी मीडिया को कुत्ता कहने वाले संत आसाराम बापू ने इस बार तो सारी हदें पार कर दी। उनका बयान पढ़ आप भी दंग रह जाएंगे। उन्होंने प्रवचन के दौरान अपने अनुयायियों को पानी की समस्या हल करने का एक 'मंत्र' दिया और साथ में कहा कि अगर वे झूठ बोले तो उन्हें सुनन वालों की मौत हो जाए।

ज्ञानी उसे कहते है जिसके ह्रदय में ज्ञान हो, जो भगवान के तत्व रहस्य को जानने वाला हो वह ज्ञानी निष्काम होता है। ज्ञानी के अंदर सत्संग सुनकर  उसके अंदर सहनशीलता उत्पन्न होती है। धैर्य,प्रेम, प्यार उत्पन्न होता है और जो अज्ञानी होता है,वह उन सब चीजों से दूर हो जाता है। 

जिस प्रकार बाग में गुलाब का फूल होता है, कितना सुंदर उसका रंग, रुप होता है लेकिन उसकी टहनियां देखेंगे तो कांटों से भरी रहेगी पर उन कांटों के बीच गुलाब का फूल अपनी सुंदरता बिखेरता है। कितना दुखी मन वाला भी व्यक्ति होगा, उसके मन में वह खुशी का संचार कर देगा। उससे हमें शिक्षा लेनी चाहिए कि किस प्रकार कांटों के बीच रहने पर भी कितना सुंदर रंग खिला रहता है। इसी प्रकार हमने जो मनुष्य तन धारण किया है, उसमें भी जो विपती आएगी ज्ञान के सहारे उनका भी हमें हंसते हुए सामना करना चाहिए। 

बापू कहीं  यह तुम्हारी करतूत तो नही ?या तुम जेसे ज्ञानियों के पाप फल 

का नतीजा है ?





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