Wednesday, 3 July 2013

उतराखंड त्रासदी के बाद

उतराखंड त्रासदी के बाद भगवान केदारनाथ की पूजा को लेकर संत समाज में दो राय है। केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी और शंकराचार्य इस मसले पर आमने सामने आ गए हैं। फिलहाल भगवान केदारनाथ की पूजा उखीमठ में की जा रही है जिसका शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती विरोध कर रहे हैं।

केदारनाथ मंदिर पुनर्निमाण पर सियासी विवाद के बाद अब संत समाज इस मसले पर दो फाड़ दिख रहा है। कुदरत के कहर केबाद से केदारनाथ मंदिर में मलबा भरा है और ऐसे में भगवान शिव की पूजा अर्चना उखीमठ में की जा रही है।
इस बात को लेकर संत समाज में दो राय है। केदारनाथ मंदिर के मुख्य रावल भीमाशंकर महास्वामी के मुताबिक जब तक मंदिर शुद्ध नहीं हो जाता तबतक भगवान केदारनाथ की वहां पूजा नही हो सकती। तो जगतगुरु शंकारचार्य स्वरूपानंद सरस्वती उखीमठ में भगवान केदारानथ की पूजा को गलत ठहार रहे हैं।

हरिद्वार मे कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की अध्यक्षता में कई अखाड़ों ने निर्णय लिया है की संतों का एक दल केदारनाथ जायेगा और वह केदारनाथ मंदिर का परिष्कार कर वहां पर पूजा अर्चना शुरू करवाएगा। संतों का मानना है कि अभी तक जो भी हो रहा है वो मान्य परंपरा को खिलाफ है।[यह मूर्खों जेसी बात हमारे जगत गुरु शंकराचार्य जी कहते हैं  शन्कराचार्य जी कलयुगी जीव हैं ,असली नही इसलिए नकली स्वार्थी बात कर रहे हैं जो शाश्त्रोक्त नही है नाही सनातनधर्म इसकी मान्यता ही देता है केदारनाथ का मुख्य पुजारी पूजा नही करे  गा तो और कोंन करे गा पूजा सिर्फ और सिर्फ ब्राह्मण पुजारी ही कर सकता है शंकराचार्य नही ब्राह्मण के  अतिरिक्त सभी को सेवा का अधिकार सनातनधर्म देता है

भगवान केदरनाथ की पूजा अर्चना को लेकर विवाद के बीच मंदिर क पुननिर्माण को लेकर भी दिशा तय की जा रही है। मुख्य रावल ने साफ किया है कि मंदिर का निर्माण सामूहिक भागादारी से ही होगा और इसमें विशेषज्ञों का राय को भी तव्वजो दी जाएगी।पर सुने गा कोंन बीजेपी जो आर्यसमाजी हैं सनातनी नही कोंग्रेस जो खुद को सनातनी नही धर्म निर्पेक्ष कहती है अदालत जो सनातनी हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई एक्ट को नही मानती ?फिर क्या होने वाला है ?पनाह सो सुनार की एक लुहार की कहावत चितार्थ होगी नुक्सान उनका होगा जिनके सर पर भगवान का हाथ नही होगा बचेगा वही जो सनातन रूपी चकी की धुरी रूपी सनातन पुरुस परमात्मा से जुड़े गा 

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