Tuesday, 15 September 2015

तू सबकुछ कर पर किसी को परेशान मत कर

तू सबकुछ कर पर किसी को परेशान मत कर
जो बात समझ न आऐ उस बात मे मत पड
पैसे के अभाव मे जगत 1% दूखी है,
समझ के अभाव मे जगत 99% दूखी है।
जितना बडा प्लाट होता है उतना बडा बंगला नही होता जितना बडा बंगला होता है उतना बडा दरवाजा नही होता जितना बडा दरवाजा होता है उतना बडा ताला नही होता जितना बडा ताला होता है उतनी बडी चाबी नही होती ।
परन्तु चाबी पर पुरे बंगले का आधार होता है।
इसी तरह मानव के जीवन मे बंधन और मुक्ति का आधार मन की चाबी पर ही निर्भर होता है।
है मानव....

जो बात समझ न आऐ उस बात मे मत पड

पैसे के अभाव मे जगत 1% दूखी है,

समझ के अभाव मे जगत 99% दूखी है।

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